Friday, September 14, 2012
धर्म के मर्म को समझें : जोशी
लखननऊ (एसएनबी)। हर धर्म ईश्वर की इबादत करना सिखाता है। हिन्दू धर्म हर धर्म को सम्मान देता है। हम सब एक है यही हमारा उद्देश्य होना चाहिए। सभी धर्म ईश्वर तक पहुंचने का विभिन्न मार्ग मात्र हैं। यह बात मंगलवार को स्वामी विवेकानंद की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित सर्व धर्म समभाव सभा में मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल बीएल जोशी ने कही। सभा निरालानगर स्थित रामकृष्ण मठ के सभागार में हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व वैदिक शांति मंत्रों के साथ हुआ। रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद ने 11 सितम्बर 1893 में शिकागो में हुई सभा पर विचार व्यक्त किये। इसके बाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय ऑफ तिब्बतन स्ट्डीज, वाराणसी से आये एसोसिएट प्रो. लोबसंग नॉबरू शास्त्री ने बुद्ध के दिये संदेश पर विचार व्यक्त किये। सेंट कैथ्रेडल स्कूल के प्रिंसिपल फादर पॉल रॉड्रिग्स ने ईशा मसीह और स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों के बारे में बताया। सैय्यद कल्बे सादिक ने कहा कि दो तरह के मजहब हैं एक मुल्लाओं का और दूसरा मौला का। मुल्ला मजहब तोड़ता है और मौला जोड़ता है। मौला के धर्म को मानो, मुल्लाओं के संदेश को न मानो। इस्लाम में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। कबीर पीस मिशन के चीफ कोआर्डिनेटर आर के मित्तल ने कबीरदास के पांच दोहों के जरिए सभी को सर्व धर्म का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इलाहाबाद मठ के अध्यक्ष महाराज स्वामी निखिलात्मानंद ने कहा कि ईश्वर एक ही है। एक ही ईश्वर को विभिन्न नामों से पुकार रहे हैं। मठ के स्वामी सुजियानंद ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सर्व धर्म समभाव सभा का आयोजन
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली संस्करण पेज-2 , 12-0-9-2012(/
Friday, September 7, 2012
अब विहिप का हिंदू हेल्पलाइन कार्ड
ठ्ठ शरद द्विवेद्वी, इलाहाबाद लोकसभा चुनावों की आहट देख विश्र्व हिंदू परिषद अपनी साख को मजबूत करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिया है। हिंदू जनमानस तक अपनी पहुंच बनाने के लिए विहिप ने अनोखा व हाईटेक तरीका अख्तियार कर हिंदू हेल्प लाइन सेवा शुरू की है। यह एक ऐसी सेवा है जिससे देश का कोई भी हिंदू किसी भी शहर में हर तरह की मदद मांग सकता है। विहिप इसके माध्यम से लोगों की मदद के साथ ही उन्हें पर्दे के पीछे एकजुट कर रहा है ताकि चुनाव में राजनीतिक दलों को अपनी शक्ति का एहसास करा सके। वर्ष 1992 में श्रीरामजन्म भूमि पर मंदिर आंदोलन के बाद विहिप का हिंदुओं पर प्रभाव कम हुआ है। इसके पीछे संगठन की निष्कि्रयता भी बताई जाती है। इसे दूर करने के लिए विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडि़या ने हिंदू हेल्प लाइन शुरू की है। इससे जहां हिंदुओं की मदद कर विहिप उनसे सीधा जुड़ने का प्रयास कर रहा है वहीं संगठन को भी धार देने की कोशिश की जा रही है। जिससे राजनीतिक दलों पर हिंदू एजेंडा लागू करने का दबाव बनाया जा सके। क्या है हिंदू हेल्पलाइन : विहिप की ओर से हिंदू हेल्प लाइन नंबर 020-66803300 व 05788682181 जारी किया गया है। इस नंबर को डायल करके कोई भी हिंदू देश के किसी भी कोने से अपनी समस्या बताकर मदद मांग सकता है। कंट्रोल रूम में बैठा व्यक्ति उनका पूरा ब्योरा एकत्रित करने के बाद संबंधित जिला या महानगर प्रमुख से संपर्क करके उन्हें पूरी जानकारी देगा। फिर वह उस व्यक्ति के पास पहुंचकर उनकी मदद करेंगे। कुछ देर बाद कंट्रोल रूम में बैठा व्यक्ति पुन: मदद मांगने वाले संपर्क करके उनकी स्थिति का पता करेगा। इसके बाद संपर्क का दौर लगातार चलता रहेगा।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 06, 06-09-2012 धर्म
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